HISTORY

एक विहगांवलोकन

 

“राजस्थान सेवा समिति” अपने बहुत सारे अदभुत गुणों से परिभाषित है जैसे मानवता, करुणा, अद्वितीयता, दूरदर्शिता तथा बदलते समय तथा परंपराओं के साथ सामंजस्य स्थापित करके अपने आप को अद्यतन परिवेश में बनाये रखना। उपरोक्त्त गुणों में से निःसंदेह मानवता सर्वोपरी गुण है। यही कारण है कि यह भावना हमारे प्रतीक चिहन में प्रतिबिम्बित है। “राजस्थान सेवा समिति” अर्थात “सेवा परमोधर्मा” ही इसका पर्याय है।

सन 1961 के मई माह में एक सम्पूर्ण संस्था के रूप में “राजस्थान सेवा समिति” की स्थापना की गई। इसका पंजीकरण, “सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट १८६० एवं मुंबई पब्लिक ट्रस्ट एक्ट १९५० के तहत किया गया। इसका प्रतीक चिहन उसके उद्देश्य का स्वयं गवाह है अर्थात हर परिस्तिथि में मानवता की सेवा करना। इस सिंद्धांत के परिणाम स्वरुप इनकम टेक्स एक्ट 1961 के तहत समिति को एक पहचान प्राप्त हुई।

राजस्थान सेवा समिति को जब भी कोई मानव सेवा का उमदा अवसर प्राप्त हुआ है तब – तब संस्था के कर्मठ, दूरदर्शी तथा उघमीपुरुषों ने कोई मौका हाथ से नहीं जाने दिया है। यही कारण है कि राजस्थान बंधुओं का राजस्थान सेवा समिति को अपार सहयोग प्राप्त हुआ है और हो रहा है। इसी के परिणाम स्वरुप शाहीबाग के विस्तृत एवं प्राकृतिक क्षेत्र में राजस्थान सेवा समिति ने विद्यालय की स्थापना का स्वप्न साकार कर अपना उद्देश्य पूर्ण किया।

राजस्थान सेवा समिति द्वारा शैक्षणिक पहल उस समय तत्तकालीन मुख्यमंत्री डॉ. जीवराज मेहता के करकमलो द्वारा राजस्थान हिन्दी हाईस्कूल का उदघाटन किया गया, तब से राजस्थान सेवा समिति सतत रूप से शैक्षणिक गतिविधियों चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं तथा मानवीय सेवाओं द्वारा समाज को सेवा प्रदान कर रही है।

आज तक 29000 से भी अधिक विद्यार्थिर्यो ने सफलता पूर्वक अभ्यास पूर्ण किया है। जिनमे से बहुत से विद्यार्थी विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्रों में नेतृत्व कर रहे है। जो हमारी शैक्षणिक सफलता को दर्शाता है। इस संस्था की महत्वपूर्ण बात यह है की समिति के संस्थापक सदस्यों ने एवं सभी कार्यकारिणी ने सक्रिय सदस्यों ने निर्णय लिया कि उनकी अगली पीढ़ी इस विद्यालय में अध्ययन करेगी। शैक्षणिक पहल का उत्तम उदाहरण इस सूत्र से सर्वोत्तम क्या हो सकता है – “भरोसा एवं विश्वसनीयता” (Trust & Credibility)

वर्त्तमान में राजस्थान सेवा समिति के नेतृत्व में निम्नलिखित स्कूल सफलता पूर्वक कार्यरत है:

  • राजस्थान हिंदी हइस्कूल
  • राजस्थान इंग्लिश हायर सेकेंडरी स्कूल
  • ज्ञानोदय हिंदी प्राथमिक शाला
  • ज्ञानोदय इंग्लिश मीडियम प्रायमरी स्कूल
  • ज्ञानोदय शिशु मंदिर
  • राजस्थान स्कूल कंप्यूटर डिपार्टमेंट

हमारे लिए यह गर्व का विषय है कि हाल ही में भारत सरकार के नीति आयोग ने सुंदर भारत वर्ष की समस्त स्कूलों में से ATL लेबोरेटरी के लिए हमारे स्कुल का चयन किया है। उल्लेखनीय बात यह है की राजस्थान सेवा समिति के नेतृत्व में कार्यरत सभी विद्यालयों में विशिष्ट योग्यता वाले आचार्य तथा शिक्षकों द्वारा अध्ययन अध्यापन का कार्य बड़ी ही दक्षता के साथ किया जाता है, जिससे विद्यार्थी न केवल जीवन निर्वाह का कार्य सीख रहे है अपित अन्य क्षेत्रों में भी अग्रसर है। यही कारण है कि हमारे विद्यार्थी राज्यस्तर सूची में स्थान प्राप्त करते है। विभिन्न इतर प्रवृतियों में भी विद्यार्थीयो ने स्थान प्राप्त किया है। वास्तव में तो प्रारंभ से ही हमारे स्कुल की परंपरा बनी रही है। सन 1964 में हमारी शाला बोर्ड का प्रथम बेच बोर्ड परीक्षा में दर्ज हुआ और उसी वर्ष हमारे विधालय के विद्यार्थिओं ने राज्यस्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

हमारे लिए यह गर्व का विषय है कि हाल ही में भारत सरकार के नीति आयोग ने सुंदर भारत वर्ष की समस्त स्कूलों में से ATL लेबोरेटरी के लिए हमारे स्कुल का चयन किया है। उल्लेखनीय बात यह है की राजस्थान सेवा समिति के नेतृत्व में कार्यरत सभी विद्यालयों में विशिष्ट योग्यता वाले आचार्य तथा शिक्षकों द्वारा अध्ययन अध्यापन का कार्य बड़ी ही दक्षता के साथ किया जाता है, जिससे विद्यार्थी न केवल जीवन निर्वाह का कार्य सीख रहे है अपित अन्य क्षेत्रों में भी अग्रसर है। यही कारण है कि हमारे विद्यार्थी राज्यस्तर सूची में स्थान प्राप्त करते है। विभिन्न इतर प्रवृतियों में भी विद्यार्थीयो ने स्थान प्राप्त किया है। वास्तव में तो प्रारंभ से ही हमारे स्कुल की परंपरा बनी रही है। सन 1964 में हमारी शाला बोर्ड का प्रथम बेच बोर्ड परीक्षा में दर्ज हुआ और उसी वर्ष हमारे विधालय के विद्यार्थिओं ने राज्यस्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

हमारे विद्यालय का महत्वपूर्ण उद्देश्य सर्वोत्तम शिक्षा प्रदान कर विद्यार्थियों के उम्दा विकास के लिए अवसर प्रदान करना,यही कारण है हमारे विद्यालय में विभिन्न प्रेरणादायी इतर प्रवृतियों का आयोजन किया जाता है। जिनमें से कुछ गतिविधियों निम्न लिखित है:

स्काऊट एन्ड गाईड
एन.सी.सी
योग दिवस
साइंस सेमीनर
साइंस-मेथ्स एक्जीबिशन (प्रदशर्नी)
स्पोर्ट्स एक्टिविटीज
पर्यावरण जागृति अभियान
स्कुल प्रदर्शिनी द्वारा विद्यार्थियो को उनकी रचनात्म..के लिए प्रोत्साहित करना
नेशनल ग्रुप सिंगिंग कम्पटीशन
स्वच्छता अभियान जागृति अभियान
विद्यार्थियो द्वारा प्राकृतिक आपदाओं में सेवा कार्य
स्पोर्ट्स डे
विद्यार्थियो को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभाशाली विशेषज्ञों को आमंत्रित करना
स्कुल रैली
वार्षिक गरबा प्रतियोगिता
शिक्षक दिवस
कोम्पुटर लेब
रीडिंग कम्पटीशन
ड्रॉइंग कम्पटीशन
मेहँदी कम्पटीशन
वक्तृत्व स्पर्धा
आंतर स्कुल वक्तृत्व स्पर्धा
इको क्लब
साइंस क्लब द्वारा विविध कार्यक्रम
शैक्षणिक प्रवास
१५ अगस्त एवं २६ जनवरी समारोह
गाँधी जयंती
रक्षाबंधन एवं जन्माष्टमी
विद्यार्थियों के लिए फ्री मेडिकल चेकअप
जीवनविज्ञान प्रशिक्षण शिविर
विश्व संस्कृत दिवस
विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए वार्षिक पुरस्कार वितरण

धीरे-धीरे कॉमर्स और विज्ञानं प्रवाह भी शुरू किये गए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है की हमारे विद्यार्थियो ने राज्यस्तर की योग्यता सूचि (Merit List) में अपना नाम दर्ज कराया है।

समय समय पर राजस्थान हिंदी हाईस्कूल में सुविख्यात महानुभावों की मुलाकात से विद्यार्थी प्रेरित होते है। सुविख्यात अवकाश यात्री सुनीता विलियम्स ने हमारे यहाँ तीन बार मुलाकात ली, उनकी यह मुलाकात ऐतिहासिक रही और आज भी विद्यार्थियों के जहन में ताजा बनी है।

शाला के प्रशंसनीय कार्यो को ध्यान में लें तो हमें भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्था (ISRO), फिजिकल रिसर्च लेबोरेट्री (PRL), प्लाज्मा रिसर्च सेन्टर, गुजरात साईन्स सिटी एवं गुजरात विज्ञान अकादमी की और से उत्साह वर्धक प्रेरणा मिलती रही है।

हमारी शाला का पुस्तकालय विभाग समृद्ध है, जिससे विद्यार्थी पठन – पाठन प्रवृति एवं उच्च ज्ञान का विकास कर सकते है। जहां तक हमारी संस्था की शिक्षा के आधुनिकीकरण की बात है, तो इसकी सफलता का श्रेय हमारी शाला के कन्वीनर श्री भेरूलाल जी जैन को जाता है जिनके लिए शाला का संचालन एक उद्देश्य तथा विशिष्ट अभिरुचि है।

वर्त्तमान समय में शाला की कुल संख्या ३५०० विद्यार्थियों की है। जिन्हे हमारी शाला के १५० शिक्षक गण, प्रशिक्षित कर रहे है।

राजस्थान हॉस्पिटल
राजस्थान सेवा समिति की महत्वपूर्ण पहल “राजस्थान हॉस्पिटल” का निर्माण करना है। राजस्थान हॉस्पिटल सिर्फ अहमदाबाद में ही नहीं बल्कि गुजरात एवं गुजरात के आसपास के शहरो के मरीजों के लिए वरदान रूप साबित हुई है। राजस्थान हॉस्पिटल गुजरात की सबसे बड़ी अत्याधुनिक सुविधाओं से सजज हॉस्पिटल है।

यह हमारे लिए अत्यंत ह्रदय को स्पर्श करने वाली बात है की राजस्थान हॉस्पिटल के चेरमेन श्री गौतम जी जैन पूरी निष्ठा एवं लगन से इस सेवा कार्य को आगे बड़ा रहे हैं। श्री गौतम जी जैन का कार्य अत्यंत प्रशंसनीय है।

हमारी मानवीय सेवाएँ
राजस्थान सेवा समिति का हमेशा से मुख्य उद्देश्य मानवीय सेवा कार्यो का रहा है। इसलिए जहा भी प्राकृतिक आपदाएँ या मानव सर्जित आपदाएँ लोगों को प्रभावित करती है उस समय आपदा प्रभावित लोगों की सेवा कार्य के लिए हमारी संस्था तन मन धन से अपने हाथ आगे बढ़ाती है। यदि हम वर्तमान का ही उदाहरण लें तो गुजरात में आई अतिवृष्टि एवं बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए हमने मानवता के स्तर पर राहत कार्यो में शीग्र योगदान दिया। हमारे पदाधिकारी तथा सदस्य गणों ने इस उमदा कार्य के लिए उदारभाव से सहयोग ही नहीं किया बल्कि ……. सदस्य गणों ने व्यक्ति गत रूप से प्रभावित क्षेत्रों में पीड़ित लोगों के बीच जाकर अपने हाथो से राहत कार्य किया।

भूतकाल में भी समिति ने कई मानवीय सेवा कार्य किये है जैसे की कच्छ – भुज का भूकम्प हो या नेपाल का भूकम्प समिति ने सेवा कार्य में कभी पीछे हटे नहीं। राजस्थान राज्य में सूखा के समय समिति की और से “केटल केम्प” तैयार करके घास चारे की सुविधाएं प्रदान की गई।

राजस्थान सेवा समिति ने गुजरात के माननीय मुख्यमंत्री के मिशन कन्या शिक्षा अनुदान के अंतर्गत सम्पूर्ण सहयोग दिया है। राजस्थान सेवा समिति की यात्रा सन १९६१ से लेकर २०१७ तक ६६ वर्षो के अनुभव एवं पांच दशकों के अथक परिश्रम से अविरत रूप से चल रही है. स्थापना के पहले दशक में शिक्षा के क्षेत्र में हमारा सफल प्रवेश रहा, दूसरे दशक में भी हमने शिक्षा के क्षेत्र में उत्तरोत्तर प्रगति की और तीसरे दशक में हमने स्वास्थ्य एवं चिकत्सा सेवा कार्य के क्षेत्र में एक सफल प्रयत्न के रूप में राजस्थान हॉस्पिटल का निर्माण किया।

अब हमारा अगला महत्वपूर्ण कदम शाला के विद्यार्थियों को अत्याधुनिक संसाधनों से सुशिक्षित करना एवं आने वाले वर्षो में मरीजों की अत्याधुनिक संसाधनों से सेवा कार्य करना है।

हमारे संस्थापक चेरमेन श्री की स्मृति में
राजस्थान सेवा समिति के संस्थापक चेरमेन श्री स्वर्गीय झाबरमलजी भोजनगरवाला को, उनकी मधुर अभिलाषा को फलता-फूलता देखकर उनको इस समय याद करना अत्यंत आवश्यक है। जिस सपने को वे भारत की स्वतंत्रता के समय से सन १९४७ से देख रहे थे, आखिरकर सन १९६१ में उन्होंने उसे पूर्ण भी कर दिखाया। सन १९४७ का समय भारत – पाकिस्तान के विभाजन का समय था, उस समय हमारे भाई बन्धुओं को भारत से पाकिस्तान एवं पाकिस्तान से भारत की और स्थानांतरण करना पड़ रहा था। तब श्री झाबरमलजी अपने भाई-बन्धुओं और मित्रों के साथ अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर दुखी एवं पीड़ित शरणार्थियों की सेवा कर रहे थे तब का समय उनके लिए बड़ा ही ह्रदय द्रावक था, उसी वक़्त उन्होंने यह निश्चय किया था की वो एक ऐसी संस्था की स्थापना करेंगे जो भविष्य में ऐसी मानवीय चुनौतियों का सफलता पूर्वक। संतोष कारक रूप से सामना कर सके। उन्होंने ये भी महसूस किया था कि एक ऐसी स्कूल की स्थापना की जाए जहा पर हिंदी भाषा में पढ़ने के इच्छुक लोग अध्ययन कर सकें। इस बात का समृद्ध एवं उदार राजस्थानियों ने तुरंत समर्थन देकर, राजस्थान सेवा समिति की सन १९६१ में स्थापना की।

प्रतिष्ठित अध्यक्ष श्री जिन्होंने अपने भव्य उद्देश्य को आगे बढ़ाया
राजस्थान सेवा समिति का यह हमेशा से सौभाग्य रहा है कि उसे हमेशा से प्रतिष्ठित एवं दूरदर्शी अध्यक्षों का नेतृत्व प्राप्त हुआ है, जो निम्नलिखित है:

श्री कृष्ण जी अग्रवाल
श्री विजयनारायण जी सोमानी
श्री गोरधन दास जी गुप्ता
श्री अशोक कुमार जी दागा
श्री ब्रिजभूषण लाल जी काबरा
श्री खीमराज जी जैन
श्री गौतम कुमार जी जैन
श्री श्याम सुंदर जी रूंगटा

हमारे वर्तमान अध्यक्ष
हमारे वर्तमान अध्यक्ष श्री गणपतराज जी चौधरी राजस्थान सेवा समिति को अग्रसर एवं महत्तम उचाईयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही अपनी कीमती विरासत को संजोते हुए उसे आधुनिक स्वरुप प्रदान करने को कटिबद्ध है।

यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि हमारे ट्रस्टी एवं अभिभावकों की नई पीढ़ी में भी उसी प्रकार उदारता करुणा एवं मानवीय आचार – विचारों के साथ, आधुनिक समय में भी राजस्थान सेवा समिति को नए आयाम देने की तत्परता है।